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Tuesday, Jan 20, 2026
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दक्षिण कोरिया से बढ़ रही है अमेरिका की नजदीकियां….

सियोल की सेना ने कहा, उत्तर कोरिया द्वारा जापान के ऊपर एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल की गोलीबारी के जवाब में इस तरह का युद्धाभ्यास किया गया हैं। उत्तर कोरिया मिलाइलों का परिक्षण करके पड़ोसी देशों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा हैं। ऐसे में किम जोंग-उन को जवाब दिया गया है। जहां एक तरफ नोर्थ कोरिया लगातार प्रशांत महासागर में बैलास्टिक मिसाइल का परिक्षण कर रहा है वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की साउथ कोरिया के साथ नजदिकियां बढ़ती जा रही हैं। साउथ कोरिया पर हमेशा से ही अमेरिका का प्रभाव रहा है। वहां की नीतियों और विदेशी संबंधों पर भी अमेरिका ही हावी रहा हैं लेकिन यह सब एक संभावना मात्र है। साउथ कोरिया अपने देश के हित में फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है। यूएन में साउथ कोरिया एक देश के तौर पर दर्ज हैं। खबरों के अनुसार दक्षिण कोरिया और अमेरिकी अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने युद्धाभ्यास किया हैं। दोनों देशों के बीच बमबारी अभ्यास किया गया। सियोल की सेना ने कहा, उत्तर कोरिया द्वारा जापान के ऊपर एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल की गोलीबारी के जवाब में इस तरह का युद्धाभ्यास किया गया हैं। उत्तर कोरिया मिलाइलों का परिक्षण करके पड़ोसी देशों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा हैं। ऐसे में किम जोंग-उन को जवाब दिया गया है।

सियोल के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने पीले सागर का जिक्र करते हुए कहा चार दक्षिण कोरियाई वायु सेना F-15Ks और चार अमेरिकी वायु सेना F-16 सेनानियों की भागीदारी के साथ, दक्षिण कोरिया के F-15K ने पश्चिम में जिक्डो शूटिंग क्षेत्र में एक आभासी लक्ष्य के खिलाफ दो संयुक्त प्रत्यक्ष हमले के युद्ध (JDAM) बम दागे। उन्होंने कहा कि अभ्यास का उद्देश्य सहयोगियों की “उकसाने की उत्पत्ति पर सटीक हमले करने की क्षमता” का प्रदर्शन करना है।

आपको बता दें कि उत्तर कोरिया ने एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जो जापान के ऊपर से गुजरते हुए प्रशांत महासागर में जा गिरी। जापान और दक्षिण कोरिया ने यह जानकारी दी। ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया ने क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाने वाले हथियारों का परीक्षण तेज कर दिया है। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि उत्तर कोरिया की ओर से कम से कम एक मिसाइलदागी गई, जिसके जापान के ऊपर गुजरते हुए प्रशांत महासागर में गिरने की आशंका है। जापान के अधिकारियों ने आस-पास की इमारतों को खाली करने के वास्ते पूर्वोत्तर क्षेत्र के निवासियों के लिए ‘जे -अलर्ट’ जारी किया है। 2017 के बाद पहली बार ऐसा ‘अलर्ट’ जारी किया गया है।

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