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Tuesday, Jan 20, 2026
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मैन वेलफेयर ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने घरेलु हिंसा के एक तरफ़ा कानून पे उठाई आवाज़

वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के ग्रेट दिल्ली रन में दिल्ली स्थित एक गैर सरकारी संगठन, मेन वेलफेयर ट्रस्ट के सौ से अधिक स्वयंसेवकों को पुरुषों से संबंधित मुद्दों पर आवाज उठाते देखा गया। सभी काले रंग के कपड़े पहने, इन लोगों ने सभी की आकर्षित कर लिय। सभी कार्यकर्ताओं ने अपने ऊपर, खरोंच के निशान, सूजी हुई आंखें, अपने शरीर पर पट्टियां बनाई थीं, खास तौर पे मेकअप आर्टिस्ट द्वारा तैयार ये लोग अपने को घरेलु हिंसा से पीड़ित दर्शा रहे थे। पुरुषों पे घरेलू हिंसा के मुद्दे और लिंग तटस्थ कानूनों की अनुपस्थिति पर आवाज़ उठाते ये पुरुष नज़र आये बढ़ती पुरुष आत्महत्याओं, कानून के दुरूपयोग, पैरेंटल – एलियनेशन आदि के संदेशों के साथ तख्तियां लिए और पुरुषों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते हुए नारे लगाते हुए मार्च किया गया । समूह का मुख्य आकर्षण दूल्हा और दुल्हन के रूप में तैयार दो व्यक्ति थे, जिसमें पति को घरेलू हिंसा के शिकार के रूप में दिखाया गया था और पत्नी उसे पूरे रास्ते मार रही थी।
कार्यकर्ता प्रियाश भार्गव ने हमें बताया कि वे कई वर्षों से दिल्ली मैराथन में भाग ले रहे हैं और हर बार वे एक अनूठी थीम लेकर आते हैं जो हर साल आकर्षण का केंद्र बन जाती है। इस बार विषय पुरुषों पर घरेलू हिंसा है और जबकि दुनिया के अधिकांश हिस्सों में लिंग तटस्थ कानून हैं और पुरुषों को भी पीड़ित होने पर संरक्षित किया जाता है, भारत में लिंग-पक्षपाती कानून हैं और पुरुषों को घरेलू हिंसा का शिकार होने पर कोई सुरक्षा नहीं है।
इंदरजीत , एक अन्य वरिष्ठ एक्टिविस्ट ने हमें बताया कि घरेलू हिंसा अधिनियम, 498ए जैसे कानून इतने एकतरफा हैं और वृहद दुरुपयोग हो रहा है कि बहुत से निर्दोष पुरुष पीड़ित हैं और उनमें से कई अपनी जान भी दे देते हैं। कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के बजाय, अब वैवाहिक बलात्कार का एक और कठोर और दुरुपयोग करने में आसान कानून आ रहा है, जिसमें असफल विवाहों में बदला लेने और पैसे की उगाही की मंशा से दुरुपयोग करने की क्षमता है।
एनजीओ पीड़ित पुरुषों के लिए एक अखिल भारतीय हेल्पलाइन 8882498498 चलाता है, जिसमें देश भर के पुरुषों के हजारों कॉल आते हैं, जिन्हें वैवाहिक विवादों, यौन उत्पीड़न या झूठे बलात्कार के मामलों में झूठा फंसाया गया है। संस्था ऐसे पुरुष और उनके परिवारों को निशुल्क सहायता, लीगल काउंसलिंग इत्यादि प्रदान करती है।

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