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Tuesday, Jan 20, 2026
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“भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग की अपार संभावनाएं”

ह्यूस्टन: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि जैव ईंधन, हरित हाइड्रोजन, पेट्रोरसायन और उत्पादन के क्षेत्रों में भारत तथा अमेरिका के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
पुरी ने कहा कि भारत और अमेरिका ने सहयोग के ठोस क्षेत्रों पर फैसला किया है। पुरी ने ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत असीम महाजन द्वारा उनके आवास पर आयोजित एक स्वागत समारोह में आमंत्रित मेहमानों से कहा, ‘‘भारत दुनिया के किसी भी दूसरे देश की तुलना में हरित ऊर्जा को अपनाने के लिए अधिक जागरूक है। हरित हाइड्रोजन, जैव ईंधन सम्मिश्रण और वैकल्पिक स्रोतों से जैव ईंधन की खोज और उत्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।’’
पुरी ने कहा, ‘‘2021 में अमेरिकी राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री के बीच हस्ताक्षरित रणनीतिक हरित ऊर्जा साझेदारी के तहत हमने चार सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, और ये समझौते ठोस क्षेत्रों से संबंधित हैं, जहां भारतीय और अमेरिकी कंपनियां साथ मिलकर काम करेंगी।’’ उन्होंने सोमवार को ह्यूस्टन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली के लिए विशेष सीबीएम (कोल सीम गैस) बोली दौर – 2022 की शुरुआत की।
इसके साथ ही पुरी ने अपतटीय बोली दौर की शुरुआत की, जिसमें 26 ब्लॉकों की पेशकश की गई है।
उन्होंने उद्योग जगत के लोगों को संबोधित करते हुए भारत में खोज और उत्पादन गतिविधियों में तेजी लाने के लिए सरकार द्वारा की गई पहल के बारे में बताया।
पुरी ने भारत के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और आयात के बोझ को कम करने में कोल बेड मीथेन के महत्व पर भी अपने विचार रखे।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है, और आने वाले वर्षों में यहां ऊर्जा मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि गैस की मांग, कीमत और बढ़ते आयात बिल को देखते हुए घरेलू गैस का उत्पादन बेहद महत्वपूर्ण है।

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